तेल अवीव/तेहरान, 20 जून 2025: इज़रायल और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष अपने आठवें दिन में प्रवेश कर चुका है, और दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। मिसाइल हमले, ड्रोन अटैक, और साइबर युद्ध ने मध्य पूर्व में स्थिति को और जटिल बना दिया है। यहाँ नवीनतम अपडेट्स हैं:
प्रमुख अपडेट्स:
- इज़रायल के हमले: इज़रायली रक्षा बल (IDF) ने गुरुवार रात 40 फाइटर जेट्स के साथ ईरान के अरक हैवी वाटर रिएक्टर सहित कई सैन्य और परमाणु ठिकानों पर हमला किया। IDF के प्रवक्ता नदव शोशानी ने दावा किया कि ये हमले ईरान के सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल साइट्स को नष्ट करने के लिए थे।
- ईरान का जवाबी हमला: ईरान ने तेल अवीव के पास सोरोका अस्पताल और होलोन में आवासीय इमारतों पर मिसाइल हमले किए, जिससे कई इमारतों को नुकसान पहुँचा। ईरान ने अब तक 400 बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं, जिनमें से 90% को इज़रायल के आयरन डोम ने नाकाम कर दिया।
- मानवीय नुकसान: एक मानवाधिकार संगठन के अनुसार, इज़रायल के हमलों में ईरान में कम से कम 657 लोग मारे गए हैं, जिनमें 263 नागरिक और 164 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। इज़रायल में 24 लोगों की मौत और 804 लोग घायल हुए हैं।
- नेतन्याहू और खामेनेई की बयानबाजी: इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई “सुरक्षित नहीं हैं” और उनकी हत्या से संघर्ष समाप्त हो सकता है। जवाब में, खामेनेई ने कहा कि ईरान “दुश्मन को सजा दे रहा है” और देश एकजुट है।
- अमेरिका की भूमिका: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह दो सप्ताह के भीतर ईरान पर हमले का फैसला लेंगे। अमेरिका ने क्षेत्र में यूएसएस निमित्ज़ विमानवाहक पोत और अतिरिक्त युद्धक विमान तैनात किए हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी हस्तक्षेप से “पूर्ण युद्ध” छिड़ सकता है।
- भारत की प्रतिक्रिया: भारतीय विदेश मंत्रालय ने इज़रायल और ईरान से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए विशेष योजना बनाई है। ईरान में फंसे भारतीय छात्रों के लिए डीलक्स बसें और पड़ोसी देशों के हवाई अड्डों का उपयोग किया जा रहा है।
- अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की है। रूस और चीन ने मध्यस्थता की पेशकश की है, जबकि तुर्की ने इज़रायल के हमलों को “राज्य आतंकवाद” करार दिया।
- ईरान की सैन्य रणनीति: खामेनेई ने अपनी शक्तियाँ सेना को सौंप दी हैं और रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के लिए नए खुफिया प्रमुख, ब्रिगेडियर जनरल माजिद खदामी, की नियुक्ति की गई है। ईरान ने इज़रायल पर घरेलू हाइपरसोनिक मिसाइल, फतह-1, का उपयोग किया।
- आर्थिक प्रभाव: भारत के चाबहार बंदरगाह में 550 मिलियन डॉलर का निवेश खतरे में है। ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
- परमाणु विवाद: इज़रायल ने ईरान पर परमाणु बम बनाने का आरोप लगाया, जिसे ईरान ने “मनोवैज्ञानिक युद्ध” करार दिया। IAEA ने ईरान के नतांज़ संवर्धन सुविधा में नुकसान की पुष्टि की है, लेकिन बाहरी रेडिएशन स्तर सामान्य हैं।

इज़रायल-ईरान संघर्ष क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। वैश्विक समुदाय इसे रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर रहा है, लेकिन तनाव कम होने के आसार कम दिख रहे हैं। स्थिति पर नज़र रखने के लिए विश्वसनीय समाचार स्रोतों का अनुसरण करें।


